भाई रतन देब सही कहा-
हम जो स्वाँस लेते हे उस स्वाँस मे मालिक की कार होती है तभी हम जीवित है सेबा और टहल करने के लिये शक्ति केबल और केबल मालिक ही कार्य करती है आप के हुक्म को मानकर कार्य करते रहे तो हमारी सोच को मालिक बहुत बडी कर देगे एेसा
मेरा सोचना है