Sadh Samaj
हम सब साध सगत कौ एक टहल मालिक नै दी
हम सब साध सगत कौ एक टहल मालिक नै दी ।
इस नेक कार्य मे सभी चारों पार्टी की साध सगत ने तन मन घन से बड़ चढ़कर हिस्सा लिया सामान ख़रीद फिर उसकी पैकिंग फिर उसका बितरंण । हमारे आदरणीय बडे साधो ने हम सबको अपना स्नेह देकर हमारा सभी का होसला बढ़ाया । बहुत से प्रिय साधो का नेपाल जाने का मन था उन सभी की प्रेरणा और भाव से हम सभी का हौसला बड़ा और हम सभी इस कार्य को कर पाए यह कार्य किसी एक का नहीं अपितु पूरे साध समाज के सहयोग और मालिक की मैहर से हुआ है
देने बाला देत है देता है दिन रैन ।।दाता अबगत एक ।।
जीवन जो मालिक ने दिया है उसका हमारा लक्ष्य क्या है
हमें ये नहीं भूलना चाहिए की हम साध है। किसी भी भरम में पड़ना या उसका प्रचार करना हमारे धर्म के विरुद्ध है। सिर्फ मालिक पर विश्वास रखे और किर्तम के प्रचार या गुणगान करने से बचे।
Sadh. Naveen Delhi:
लक्ष्य
जीवन जो मालिक ने दिया है उसका हमारा लक्ष्य क्या है??
यदि लक्ष्य नही होगा ते हम कही भी नही पहुँच सकते
अभी अभी एक लक्ष्य यह बनाया गया कि नेपाल mission लक्ष्य बनाया मालिक ने पूरा करबा दिया इस कार्य मे मालिक का परिचय है
।। बन्दगी करन कौ ब्रह्म बनाया ।।
यह ब्रह्म ॐकार से बना है
(बनदगी करते करते पहले हमें हमारे अहम से और हमको आवागमन से मुक्ति मिले )
बनदगी के मतलब समर्पित रहते हुये करम करना करता भाव न आने पाबै इस तरह से हम करम करते है तो मालिक हमको अपार ख़ुशी का ख़ज़ाना सौंप देते है इस मे हमें हमारे स्बार्थ का त्याग करना पड़ता है तब हमारे अहम से रहित एक सोच हमारे अन्दर बिकसित होनी शुरू हो जाती है और बह सोच मालिक ही देते है
आपका मता( बिचार ) बह अहंकार से रहित है हम उसका बिचार करे तो हमारी छोटी सोच को बड़ा होने मे कोई देर नही
बह दाता हम सभी को जीबन रूपी स्वाँस देते है क्या हमको पता तक चल पाता है यह आप घनी की सोच है
हम हमारा एक लक्ष्य की निरंधारण करे तो हमारा मनुष्य होने का लक्ष्य सार्थक हो सकता है ।
मालिक की महान करपा है
नबीन
Sadh. Naveen Delhi:
लक्ष्य
जीवन जो मालिक ने दिया है उसका हमारा लक्ष्य क्या है??
यदि लक्ष्य नही होगा ते हम कही भी नही पहुँच सकते
अभी अभी एक लक्ष्य यह बनाया गया कि नेपाल mission लक्ष्य बनाया मालिक ने पूरा करबा दिया इस कार्य मे मालिक का परिचय है
।। बन्दगी करन कौ ब्रह्म बनाया ।।
यह ब्रह्म ॐकार से बना है
(बनदगी करते करते पहले हमें हमारे अहम से और हमको आवागमन से मुक्ति मिले )
बनदगी के मतलब समर्पित रहते हुये करम करना करता भाव न आने पाबै इस तरह से हम करम करते है तो मालिक हमको अपार ख़ुशी का ख़ज़ाना सौंप देते है इस मे हमें हमारे स्बार्थ का त्याग करना पड़ता है तब हमारे अहम से रहित एक सोच हमारे अन्दर बिकसित होनी शुरू हो जाती है और बह सोच मालिक ही देते है
आपका मता( बिचार ) बह अहंकार से रहित है हम उसका बिचार करे तो हमारी छोटी सोच को बड़ा होने मे कोई देर नही
बह दाता हम सभी को जीबन रूपी स्वाँस देते है क्या हमको पता तक चल पाता है यह आप घनी की सोच है
हम हमारा एक लक्ष्य की निरंधारण करे तो हमारा मनुष्य होने का लक्ष्य सार्थक हो सकता है ।
मालिक की महान करपा है
नबीन
बरसात की बूँदें साँप और सीप दोनों के मुँह में एक जैसी गिरती हैं
बरसात की बूँदें साँप और सीप दोनों के मुँह में एक जैसी गिरती हैं लेकिन साँप उससे ज़हर बनाता है और सीप मोती। हालात अच्छे या बुरे आते हैं लेकिन ये हमारे विवेक पर आधारित है कि हम उनसे कैसे मुकाबला करते हैं। जिस आग से किसी अँधेरे रास्ते को रोशन किया जा सकता है उसी आग से किसी का घर जलाया जा सकता है। संगत में मोती वाले सीप और रास्ता दिखाने वाली मशालें ही मिलेंगी।
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