बरसात की बूँदें साँप और सीप दोनों के मुँह में एक जैसी गिरती हैं लेकिन साँप उससे ज़हर बनाता है और सीप मोती। हालात अच्छे या बुरे आते हैं लेकिन ये हमारे विवेक पर आधारित है कि हम उनसे कैसे मुकाबला करते हैं। जिस आग से किसी अँधेरे रास्ते को रोशन किया जा सकता है उसी आग से किसी का घर जलाया जा सकता है। संगत में मोती वाले सीप और रास्ता दिखाने वाली मशालें ही मिलेंगी।
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